April 28, 2026

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पं माधवराव सप्रे की 150वीं जयंती वर्ष का शुभारंभ

लोकतंत्र का मजबूत आधार है हिंदी, सप्रे साहित्य और पांडुलिपियों के प्रकाशन की घोषणा रायपुर। पं माधवराव सप्रे की 150...

‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह नहीं रहे

'फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह, की जिंदगी की दौड़ कल 92 बरस में खत्म हुई। उनकी जीवनी पढने के बाद लगता...

आवेग और आक्रोश से उपजी कविताओं की मुखर अभिव्यक्ति है- “ जब भी मिलना”

कोरोना काल में पढ़ी गई कुछ किताबें जो भीतर मंथन पैदा करती है उनमें फ़िनलैण्ड की कवयित्री मैर्ता तिक्कानेन की...