आज के कवि- अंतरा श्रीवास्तव की दो कविताएं
अधूरापन अधूरापनइंधन है जीवन कापूर्णता की परीपूर्णता तोरिक्त कर जाती हैखुलने वाले बहुआयामीअंतर्मन के अंतरिक्षों कोतभी पृथ्वी जी रही हैआधे...
अधूरापन अधूरापनइंधन है जीवन कापूर्णता की परीपूर्णता तोरिक्त कर जाती हैखुलने वाले बहुआयामीअंतर्मन के अंतरिक्षों कोतभी पृथ्वी जी रही हैआधे...
…✍🏻 दुःख के नौटप्पा मसुख के बदरा नई दिखयटाठ गोठ ल धरकेज्ञान कोनो नई सीखयसीख-सीख के लिखसीख भरे हे पाती...
विवेकानंद कॉलेज, कोल्हापुर (स्वायत्त)हिंदी विभागआप सभी के कुशलता की कामना है।आपसे अनुरोध है कि श्री स्वामी विवेकानंद शिक्षण संस्था, कोल्हापुर...