समीक्षा नहीं, एक दर्शक की प्रतिक्रिया, नाटक ‘सम्राट अशोक’ मंच पर
विनोद रस्तोगी जन्मशती वर्ष के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली के सहयोग से विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित...
विनोद रस्तोगी जन्मशती वर्ष के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली के सहयोग से विनोद रस्तोगी स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित...
*– सोनिया वर्मा* आप छोटे हों या बड़े, मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास से ही क़ामयाबी मिलती है। सतत प्रयत्न...
पियूष कुमार हमसे पिछली पीढ़ी जानती है कि शोहरत क्या होती है और करिश्मा क्या होता है। यह करिश्मा तब...
प्रेम और सम्वेदना मनुष्य की सहजवृत्ति हैं। हमारा संवेदनात्मक लगाव केवल 'अपनों' से नहीं अपितु 'दूसरों' से भी हो सकता...
यह फ़िल्म एक 50 साल के इंसान की कहानी है जिसके पास नकारात्मक दिमाग कम और निर्दोष दिल ज्यादा है।...
o अंजनी श्रीवास्तव (M)9819343822 "भावनाओं, संवेदनाओं और दार्शनिकता का सम्मिश्रण"-..."आगे से फटा जूता"- आपको सड़क के किनारे और कूड़े करकट...
प्रेमचंद तत्कालीन समाज के कुशल चितेरे हैं। वे समाज के अंतर्विरोधों, विडम्बनाओं से आँख नही चुराते बल्कि जोखिम की हद...
लेखक : वरुन पांडे जी प्रकाशन : रिव्या पब्लिकेशन यह उपन्यास बेहद संवेदनशील, मार्मिक और मानवीय संबंधों की जटिलताओं से...
नार्वे से डिजिटल अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी और कविसम्मेलन में प्रसिद्ध समालोचक और मुख्य अतिथि शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि सुरेशचन्द्र...
टैगोर और नवीन के परंपरा के कवि हैं किरण-तिवारी कबूतरी बहुत सुंदर थी की समीक्षा गोष्ठी का आयोजन बिलासपुर। छत्तीसगढ़...