सुबह-ए-बनारस और काशी करवट/करवत
जब भगवान भास्कर मीलों का सफर तय कर अंधेरों को चीरते अपने सुनहरी अरनिमा से इतराती इठलाती गंगा की लहरों...
जब भगवान भास्कर मीलों का सफर तय कर अंधेरों को चीरते अपने सुनहरी अरनिमा से इतराती इठलाती गंगा की लहरों...
सभी को छोड़ के, खुद पर भरोसा कर लिया मैंने. वो मैं, जो मुझ में मरने को था, ज़िंदा कर...
विद्वान न होने के अपने ही सुख हैं। जो विद्वान मान लिए जाते हैं वे शायद साधारण चीजों को स्वीकारने...
अमिताभ बच्चन नाम सुनते ही बरबस एक बार तथाकथित महानायक का चित्र उभर आता है । परन्तु हिन्दी जगत में...
कविता लिखने के लिए, आज छुट्टी ले ली है, दिन भर बिस्तर पर, कविता - अविता चली, बिस्तर में लेटकर,...
पाँच ही दिन हुए थे रेवती को अपनी ससुराल पचेड़ा आये। देह से हल्दी का पीलापन भी नहीं गया था।...
मृत्यु जब मेरे सिरहाने खड़ी होगी... जब किसी दिन मृत्यु मेरे सिरहाने खड़ी होगी मुझे वास्तव में डरा रही होगी...
-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर जैन धर्म की मुख्य दो धाराएँ हैं- एक दिगम्बर जैन और दूसरे श्वेताम्बर जैन। दिगम्बर,...
रो कर हंसना ही नाम जिंदगी, क्षण-क्षण संघर्ष नाम जिंदगी । नित-नित चलना - रुकना, सफल- असफल नाम जिंदगी ।...
चारों ओर सन्नाटा पसरा और अंधियारी छाई है, क्रूर कोरोना ने मेरे भैया अपनी धूम मचाई है । और उग्र...