झूठ की खेती
■ शहंशाह आलम चित्र : अशोक भौमिक कोई राजा हल चलाता हुआ देखा नहीं गया कभी तब भी राजा झूठ...
■ शहंशाह आलम चित्र : अशोक भौमिक कोई राजा हल चलाता हुआ देखा नहीं गया कभी तब भी राजा झूठ...
समय के सबसे भ्रष्ट और कलंकित चेहरे कर रहे हैं सभ्यता का मार्गदर्शन उन्हीं के हाथों में हैं वे रोशनियाँ...
विद्यावती मालविका का जन्म अप्रेल 1930 में सी.पी. एंड बरार , फिर मध्यप्रदेश वर्तमान छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई...
पगले, यूँ नहीं रूकते हैं। पगले, यूँ नहीं झुकते हैं। कुछ कर जा, मैदान में आ। अलग अपनी, पहचान बना।...
गायत्री सराफ कल सुबह ठीक पांच बजे टीवी चैनल के संवाददाता पदम तालाब के पास पहुंचेगे. वहां एक आदमी मिट्टी...
सुशांत सुप्रिय योर ऑनर, इससे पहले कि आप इस केस में अपना फ़ैसला सुनाएँ, मैं कुछ कहना चाहता हूँ ।...
-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर देश, समाज, में विद्वान् का पुरातन काल से सम्मान होता आया है। कहा भी है...
ग़ज़ल ...... ❗1❗ स्वयं के भी विरुद्ध हिन्दी को , लड़ना पड़ता है युद्ध हिन्दी को । दिल पे इमला...
आम का अचार नही बना इस बार सरसों के तेल पर मंहगाई की मार लंबे हुए रास्ते भारी हुए रिश्तेदार...
राधा के श्याम की नहीं,मुझे तो, मीरा के कृष्ण की तलाश थी। प्रेम भी उपासना भी, उस प्रेम की आस...