एक टूटी हुई छत…
पल्लवी मुखर्जी एक टूटी हुई छत टूटी हुई चारपाई टूटा हुआ छाता कोने में पड़ी जंग लगी साईकिल मिट्टी का...
पल्लवी मुखर्जी एक टूटी हुई छत टूटी हुई चारपाई टूटा हुआ छाता कोने में पड़ी जंग लगी साईकिल मिट्टी का...
पियूष कुमार आज अमृता एक सौ दो की हुईं। इस फानी दुनिया को तो उनके जिस्म ने 2005 में विदा...
उथल-पुथल है जहां में, जिन्दगी घबरा रही है| हकीकत से रूबरू हो, सुनामी आ रही है || कुछ कमी-कमी सी...
मनस्वी अपर्णा कृष्ण है रंग में,रास में कृष्ण है, कृष्ण आभास में,सांस में कृष्ण है //१// कृष्ण में सृष्टि पूरी...
हिरण्य निषाद देखो देखो संगी बरसात आगे जी । सावन भादो के रात आगे जी ॥ रिमझिम रिमझिम पानी गिरे...
अनामिका प्रिया कविताओं में जीवन के नन्हे अनुभव प्रसंगों को व्यापक फलक और विराट अर्थों में व्यक्त करने की क्षमता...
इस खबर के विषय में कल पढ़ा और एक मित्र से डिस्कस भी किया कि मधु कांकरिया जी का उपन्यास...
असग़र वजाहत 'र' ने अपने दोस्त 'स' से कहा - मैं तुम्हारा विकास करना चाहता हूं। 'स' ने जवाब दिया...
रविश कुमार युगोस्लाविया के बिखरने से इतने नए मुल्क बने और इनके आपसी जंग की ख़बरों में मेरी कमज़ोर अंग्रेज़ी...
प्रणाम उस मानुष तन को, शिक्षा जिससे हमने पाया। माता पिता के बाद हमपर, उनकी है प्रेम मधुर छाया।। नमन...