तुम इश्क़ करना
तुम इश्क़ करना और ज़रूर करना इस तरह से करना कि एक आंच तुम्हे छूते हुए गुज़रे। तुम इश्क़ में...
तुम इश्क़ करना और ज़रूर करना इस तरह से करना कि एक आंच तुम्हे छूते हुए गुज़रे। तुम इश्क़ में...
मैं हिंदी भारत की बेटी,राजभाषा कहलाती हूँ। भाषाओं में ये ओहदा पाकर, मन ही मन इठलाती हूँ। जन-जन की हूँ...
पानी है पर प्यास कहाँ है, चातक सा अहसास कहाँ है।। अब दिल है सोने चाँदी के, रिश्तों में विश्वास...
तुम्हारे साथ, अहा .! सुखद अलौकिक अनुभूति, तुम सपनों में नित आती -जाती, घुंघराले- घुंघराले अक्षरों में, कोरे कागज पर...
झुरमुटों के बीच पड़ा हुआ बालपंछी, टकटकी लगाए निहारता घोंसले को । ढूँढती हुई निगाहें उसकी इधर-उधर, माँ किधर तोड़ा...
हम सबने,एक चादर ओढ़ रखी है, चादर के हटते ही यदाकदा, झीनी-झीनी सी तस्वीर सामने आती है । बड़ी शिद्दत...
- गौरव मैं प्रार्थना की भाषा में तुम्हारी हथेलियों को स्पर्श करता हूँ और पाता हूँ कि नियति ने उस...
जब बहन को विदा किया वह दूर किसी शहर चली गई घर बसाने कितना रोई थी रोते हुए देर तक...
- रूपम मिश्र शरद अनगिनत रंग के फूलों को लेकर आ रहा है अबकी भी तुम्हारे मखमुलहे मन को देखकर...
महानगर के उस अंतिम बस स्टॉप पर जैसे ही कंडक्टर ने बस रोक दरवाज़ा खोला, नीचे खड़े एक देहाती बुज़ुुर्ग...