April 24, 2026

साहित्य

‘मतलब हिंदू’ जैसे उपन्यास के युवा लेखक अम्बर पांडे द्वारा ‘इंडिया टुडे’ में की गई समीक्षा

समकालीन समाज की सोनोग्राफी अलका सरावगी जितना सुगठित वाक्य लिखती हैं वैसा ही गठन उनके उपन्यास ‘कलकत्ता कॉस्मोपॉलिटन : दिल...

भारत का पक्ष :भारत की कार्य संस्कृति में घातक अत्यधिक अवकाश

विजयमनोहर तिवारी ----------- शोध के केंद्र में भारत हो, इस ध्येय का अर्थ क्या है? क्या केवल भारत का इतिहास,...

स्मृति शेष : डॉ. शंभूदयाल गुरु

इतिहास, अभिलेख और स्मृति के सजग प्रहरी राजेश गाबा। प्रिंस 9893443010 मप्र गजेटियर के पूर्व संचालक, राज्य अभिलेखागार के संस्थापक...

पुस्तकों के संसार में डॉ. परदेशी राम वर्मा

आलेख स्वराज करुण समय -समय पर अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशीराम वर्मा के विगत 50 वर्षों...

एक बहुत पहले लिखी हुई रचना

टपक रहा छप्पर से पानी वह निर्मम बरसात लिखो। लिखो कहानी फिर हल्कू की पूस ठिठुरती रात लिखो। सिसक रही...

प्यारी कथाओं/ लोक कथाओं को गूंथकर रची गई ’देवनगरी’

अनेकों साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले किशन श्रीमान जी द्वारा ढेरों छोटी छोटी प्यारी कथाओं/...

कलकत्ता कॉस्मोपोलिटन : एक त्वरित प्रतिक्रिया

मधु कांकरिया अलका सरावगी अपने हर उपन्यास में मानवीय त्रासदी के किसी नए पहलू को उजागर कर हमें चकित कर...

परमानंद श्रीवास्तव: भाषा, समय और अनुभव की समीक्षात्मक यात्रा

गुरु स्मृति जन्म~दिन / परमानंद श्रीवास्तव ~ परिचय दास ___________ ।। एक ।। गुरु परमानंद श्रीवास्तव की स्मृति, उनके विचार,...