June 7, 2026

कविता

कारवाने शेरो अदब के तरही मिसरे पर आज एक ग़ज़ल

ग़ज़ल बड़े बड़ों को ये शायद पता नहीं होता किसी को मार के कोई बड़ा नहीं होता ---------- पुकारो दिल...

116 वें जयंती के अवसर पर : श्री कोदूराम दलित अऊ उंकर सियानी गोठ

छत्तीसगढ़ी के ठेठ देहाती कवि डाँ.बलदेव:- लइका पढ़ई के सुघ्घर करत हवँव मैं काम कोदूराम दलित हवय मोर गंवइहा नाम...

तुम देखो ऐसे कि सुर्ख़ लाल रंग हो जाऊँ…

तुम देखो ऐसे कि सुर्ख़ लाल रंग हो जाऊँ, चढ़े कोई भी रंग मगर तेरे रंग में खो जाऊँ। भांग...