October 21, 2026

कविता

तेरे बिन भी तो गुज़रता है ज़माना मेरा…

तेरे बिन भी तो गुज़रता है ज़माना मेरा, मगर अच्छा नहीं लगता है गुज़र जाना मेरा। तूने पूछा ही नहीं...

सामान्य दिन व्हाया वही पुरानी चाय

सुबह उठा तो दरवाज़े पर एक चींटी मरी पड़ी थी। उसे उठाया नहीं क्योंकि दफ़नाने की जगह नहीं थी। चाय...

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