मैं नहीं जानती युद्ध कैसे आता है
पर जानती हूं उस देश को जहां मेरा बेटा रहता है जानती हूं उस देश को जहां स्कूल के अहाते...
पर जानती हूं उस देश को जहां मेरा बेटा रहता है जानती हूं उस देश को जहां स्कूल के अहाते...
(रचनाकार:निवेदिता बांदिल) तिथि: 08/03/2026 राम ने मार दिया था रावण को, फिर रावण क्यों नहीं मरता है? हर युग में...
पृथ्वी घूम रही है अपनी धुरी पर पिछले कई हज़ार वर्षों से। समुद्र हैं, इतने ही खारे लेकिन समुद्र में...
छत्तीसगढ़ी के ठेठ देहाती कवि डाँ.बलदेव:- लइका पढ़ई के सुघ्घर करत हवँव मैं काम कोदूराम दलित हवय मोर गंवइहा नाम...
मिट्टी की देहरी पर सिमटी-सी भोर है, अंगारों की लौ में जीवन की डोर है। नन्हीं हथेलियों में दिन का...
तुम देखो ऐसे कि सुर्ख़ लाल रंग हो जाऊँ, चढ़े कोई भी रंग मगर तेरे रंग में खो जाऊँ। भांग...
1. प्यार इस तरह करना जैसे कुछ भी न रहे तुम्हारे पास गोपनीय इस तरह कि तुम जाओगे नहीं कभी...
आलोक पुतुल नया रायपुर में एक सड़क है जो मंत्रालय की तरफ मुड़ते ही अपनी आवाज़ बदल लेती है राम...
ज़हर से ज़हर कटे काँटे से किरची निकले दे नया दर्द कि ये टीस पुरानी निकले ज़िंदगी यूँ तो नया...
दीवार उठाना दरअसल घर बनाना नहीं एक पड़ोस को जन्म देना है। ईंटें सिर्फ़ मेरा हिस्सा अलग नहीं करतीं वे...