March 7, 2026

कविता

नई सदी के तीसरे दशक का एक दिन

डाकखाने में कर्मचारियों के बीच एक युवा जो कर्मचारी ही रहा होगा ‘हिन्दू राष्ट्र तो बनकर रहेगा’ ऐसा उस समूह...

बड़ी आसानी से तुमने तोड़ दिया

जो तिनका-तिनका जज्बातों से बनाया था एक आशियाना हमने अपना ...... एक तूफ़ान से तुम भी गुजरे और एक तूफ़ान...

छिपी भाग की रेखा

अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस के निमित्त मराठी कवयित्री बहिणाबाई चौधरी(१८८०-१९५१) की कविता का हिंदी अनुवाद- छिपी भाग की रेखा छिपी भाग...