April 24, 2026

कविता

मेरे बालगीत संग्रह – सारा जहां हमारा है

चित्रांकन :- डा. सुनीता वर्मा। झूले में दीदी-भइया आओ ना मम्मी-पापा आओ ना मैं बैठी हूं झूले में आकर जरा...

मर्यादा कहने सुनने की (ताटंक)

कहने सुनने वाली भाषा, शान मर्यादा रखती है। केवल कहने सुनने से जो, दुख भी आधा करती है। बातचीत ऐसा...

हँसने वाला और हँसेगा…

हँसने वाला और हँसेगा इससे ज़्यादा क्या होगा मेरा ग़ुस्सा और बढ़ेगा इससे ज़्यादा क्या होगा पानी मेरे शहर तलक...

कश्तियां मझधार में हैं नाख़ुदा …

कश्तियां मझधार में हैं नाख़ुदा कोई नहीं अपनी हिम्मत के अलावा आसरा कोई नहीं शोहरतों ने उस बुलंदी पर हमें...