April 24, 2026

कविता

मॉरीशस की एक खूबसूरत सी याद -मॉरीशस हो तुम

बस, तुम ही तो हो जो उत्ताल लहरों- सी उछलती समंदर की श्वेत बालू पर मेरे बदन से लिपट जाती...

रक्षा बंधन पर उन भाइयों के लिए, जिनकी कलाई सूनी रह गई….

"सूनी कलाई" राह तकती है तुम्हारी, आज यह सूनी कलाई.... स्मृति बस स्मृति ही , शेष है सूने नयन में...

चंद्र यान की प्रथम प्रभा

तेईस अगस्त तेईस में भारत, तकनीकी लोहा विश्व को मनवाता है। वैज्ञानिकों के संकल्पों बल से, देखो जोड़ो सीना छप्पन...

बस्तर पर मेरी एक कविता

विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएँ केश तुम्हारे घुंघराले, ज्यों केशकाल की घाटी देह तुम्हारी ऐसे महके, ज्यों बस्तर की माटी....