October 22, 2026

कविता

एक ताज़ा तरीन ग़ज़ल हालात ए हाज़िरा पर आप सब की पेश ए ख़िदमत है मुलाहिजा़ हो

छुपा है क्या इरादा अब तुम्हारा साफ़ दिखता है मनाओ जश्न अच्छे दिन हैं आए मुल्क बिकता है लगी है...

चलती थमती, साँसों की तरतीब में नहीं

चलती थमती, साँसों की तरतीब में नहीं आत्मा में निरन्तर बजते संगीत की अनगढ़ लय में लौटना । किस विधि...

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