डिम्पल राठौड़ की दो कविताएं
औरत ॰॰॰ औरतों के देह में होती है एक अलग गंध जिससे महकता है पुरुष औरत की देह में होता...
औरत ॰॰॰ औरतों के देह में होती है एक अलग गंध जिससे महकता है पुरुष औरत की देह में होता...
जाति है कि जाती ही नहीं नहीं छोड़ती पीछा कभी छोड़ कर भागना भी चाहे शन्नो जाति भी दौड़ते-दौड़ते पहुँच...
हो रहबर क़ौम का सच्चा तो इज़्ज़त मैं भी करती हूँ मगर झूठी सियासत से तो नफ़रत मैं भी करती...
अंतहीन पीड़ा से खुद से मोह मिट गया है, अब दूर निकल जाऊँ मैं बहुत, निर्जनता में, कि, हृदय के...
शब्दों के जादूगर हो तुम जब कुछ नहीं भी कहते हो तुम मुझे सब कुछ सुनाई पड़ता है और जब...
एक अच्छी लड़की सवाल नहीं करती एक अच्छी लड़की सवालों के जवाब सही-सही देती है एक अच्छी लड़की ऐसा कुछ...
(1 ) पहचान ---------0 ---- तुम पहचान में बन गए हो एक अजनबी तुम्हारी सभी पहचानें शहर के चौराहों पर...
शब्द और अर्थ ऐसा होता है अक्सर मेरे साथ कभी शब्द खो जाते हैं तो कभी अर्थ ही गुम जाते...
" पृथ्वी..." 1. हमारी पृथ्वी जीवन है हमारा मत छेड़ना 2. धरती पर संपूर्ण सृष्टि पर दृश्यम दृष्टि 3. अनजान...
ग़ज़ल- 01 हर ज़िन्दगी की होती इक जैसी ही कहानी। होता पुराना किस्सा , होती नई कहानी। हर दिल है...