October 22, 2026

कविता

डॉ. किरण मिश्रा की दो कविताएं

समागम के मूलतत्व जीवन का ब्रहांड बनता बिगड़ता है तेरे मेरे गुरुत्वाकर्षण से जैसे गुजरता है जीवन अनेक चक्रों से...

अनिला राखेचा की कविताएँ

पहचान प्रमाण पत्र ------------------------ हमारी रुह के राशन कार्ड हमारे व्यक्तित्व का आधारकार्ड हमारे जीवन सफर का ड्राइविंग लाइसेंस हमारी...

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