लिखती हुई स्त्रियों ने बचाया है संसार यह
गेरू से भीत पर लिख देती है बाँसबीट हारिल सुग्गा डोली कहार कनिया वर पान सुपारी मछली पानी साज सिंघोरा...
गेरू से भीत पर लिख देती है बाँसबीट हारिल सुग्गा डोली कहार कनिया वर पान सुपारी मछली पानी साज सिंघोरा...
गाँव में वो दिन था, एतवार। मैं नन्ही पीढ़ी का हाथ थाम निकल गई बाज़ार। सूखे दरख़्तों के बीच देख...
2122 2122 2122 212 आप चाहें कत्ल करके आइए दरबार में| सैकड़ों सौगंध झूठी खाइए दरबार में॥ 🌹 आप भी...
बूढ़ी होती स्त्री… जिसके सिर पर कभी यह घर टिका था, आज उसी घर की दीवारों से सिर टिकाकर सपनों...
हृदय विकल उठता ज़ब अल्हड़ मेघों की नाद से सहज नयन भर आते हैं तब प्रियवर की याद से सुनो...
सच,आसान नहीं होता है एक शादीशुदा आदमी से इश्क़ करना। क्योंकि इश्क़ सिर्फ़ उस आदमी से नहीं होगा, तुम्हें प्यार...
स्त्रियों, सहेजना उन पुरुषों को, जिन्होंने प्रेम किया, पर नहीं लिखा अपने साथ, दीवारों पर तुम्हारा नाम, जिन्होंने प्रेम की...
प्रतिभाशील स्त्रियों ने स्वयं को निपुण किया चौसठ कलाओं में, उनका प्रबंधन श्रेष्ठ था इतना कि कार्यालय में डाटा एनालिसिस...
चादर ओढ़े धूप को चिंदी-चिंदी आग। मौसम फूंफूं कर रहा, जैसे काला नाग॥ चिरई-चुनमुन लापता, मौसम की अंधेर। लगी सुलगने...
लौट आओ आँसुओं वापस आँखों में अब समंदर में भी और जगह नहीं है खारेपन के लिये पहाड़ों ने भी...