March 7, 2026

आलेख

11 नवंबर तेरहवीं पर : सत्यान्वेषी राजू पांडेय के नहीं होने का मतलब

सबसे अच्छे मस्तिष्क/ आरामकुर्सी पर/चित्त पड़े हैं। ऐसे समय में राजू पांडेय जैसे लेखकों को पढ़ना और भी जरूरी हो...

राज्योत्सव प्रदर्शनी में जनजातीय बाजार हाटुम बना लोगों के आकर्षण का केंद्र

पिछले पांच दिनों से चले आ रहे छत्तीसगढ़ राज्योत्सव मेले में रविवार को लोगो का जबरदस्त हुजूम देखते को मिला...

जनकवि लक्ष्मण मस्तुरिया का हिन्दी साहित्य संसार

श्री लक्ष्मण मस्तुरिया को अधिकांश लोग छत्तीसगढ़ी भाषा के जनकवि, गीतकार और गायक के रूप में ही जानते हैं। बहुत...

“पदुमावति” में छलकता महाकवि का भारत–राग

virendra sahu भक्तिकाल के जिन दिग्गज कवियों ने हिंदी साहित्य को शिखर पर पहुंचाया उनमें सबसे कम चर्चा जायसी की...

‘दिनकर’ के गाँव में एक दिन..

30 अक्टूबर, 2022 को नालंदा में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास नई दिल्ली द्वारा आयोजित हुए सूर्य महोत्सव और...

विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं विदेशी जनजातीय नृत्यों ने लोगों को किया आकर्षित

तृतीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के पहले दिन राजधानी रायपुर के साइंस कालेज मैदान में जबरदस्त माहौल देखने को मिला....

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव देश और दुनिया के आदिवासियों के लिए बना अनूठा सांस्कृतिक मंच

रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में तीसरा राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव शुरू हो गया है। आज शुभारंभ सत्र के पहले दिन...

भारतीय सांस्कृतिक चेतना के मूल की पहचान है पयोधि का काव्य

- जयप्रभा भट्टाचार्य पीएचडी शोधार्थी चक्करगाँव,अंडमान कविता यथार्थ और कल्पना का अद्भुत सम्मिश्रण होती है।कवि अपने अनुभव को कल्पना-तत्व के...

एक सांस्कृतिक अभियान की रजत भूमिका

कृपाशंकर चौबे युग प्रवर्तक साहित्यकार आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति को संरक्षित करने का अभियान 25 साल पहले द्विवेदी...