April 24, 2026

आलेख

भोजली परब के जोहार

छत्तीसगढ़ की मूल संस्कृति प्रकृति और अध्यात्मिक संस्कृति की मिलीजुली संस्कृति है। इसीलिए यहां की संस्कृति में प्रकृति और अध्यात्म...

उत्तराखंड से नई पीढ़ी – 14

लक्ष्मण सिंह बिष्ट संभावनाओं से भरपूर रचनाकार : स्वाति मेलकानी (१९८४) और आशीष नैथानी (१९८८) एक : स्वाति मेलकानी -------------------------...

कागज़ के फूल : आँसू के सिवा कुछ पास नही

एक रचनात्मक व्यक्तित्व की विडम्बना बहुधा सांसारिक व्यावहारिकताओं से सामंजस्य न बिठा पाने की होती है।वह बहुत से मामलों में...

छत्तीसगढ़ी लोकगाथाओं का दुर्लभ संग्रहण

विगत दिनों खैरागढ़ में गंडई-पंडरिया के लोक भाषा विद डॉ. पीसीलाल यादव से भेंट हुई. उन्होंने अपने द्वारा सम्पादित ‘छत्तीसगढ़ी...

महाकवि कालिदास का रोचक विवाह प्रसंग

-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर देश, समाज, में विद्वान् का पुरातन काल से सम्मान होता आया है। कहा भी है...