March 6, 2026

आलेख

“छत्तीसगढ़ में क्रांतिकारी परिवर्तन के वास्तविक सूत्रधार : दाऊ रामचंद्र देशमुख”

(आज जन्म-जयंती पर विशेष) किसी भी अंचल की पहचान वहाँ की संस्कृति, परम्परा, जीवन-शैली और वहाँ का साहित्य होता है।...

आज जयंती म विशेष… चंदैनी गोंदा के सर्जक: दाऊ रामचंद्र देशमुख

हमर छत्तीसगढ के लोक संस्कृति ह अब्बड़ समृद्ध हे. इहां के नाचा, रहस,पंडवानी, पंथी नृत्य, भरथरी, लोरिक चंदा,कर्मा,सुवा,ददरिया, रिलो नृत्य...

साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कृति – दीवार में एक खिड़की रहती थी

विनोद कुमार शुक्ल दीवार में एक खिड़की रहती थी। खिड़की जिस दीवार में रहती थी वह एक कमरे की दीवार...

वयोवृद्ध नौजवान जयलाल प्रसाद निर्मलकर

वे अब हमारे बीच इस भौतिक संसार में नहीं हैं, लेकिन उनका मुस्कुराता हुआ सौम्य चेहरा हमेशा याद आता है.उनके...

प्रेम पच्चीसा (उपन्यास)

प्रेम, महत्वाकांक्षा, सामाजिक दबावों और एक सार्थक जीवन की खोज के द्वंद्व को दर्शाता है। इसका कथानक (Content) और विषय-वस्तु...

‘दिल्ली’ में ‘भारत’ को जीने वाला बौद्धिक योद्धा!

-प्रोफेसर संजय द्विवेदी कभी जनांदोलनों से जुड़े रहे, पदम भूषण और पद्मश्री सम्मानों से अलंकृत श्री रामबहादुर राय का समूचा...

हिंदी में आज तक नोबेल न मिलने के कुछ ठोस कारण

शंभूनाथ ऐसा नहीं है कि यूरोपीय लेखक या लैटिन अमेरिका– अफ्रीका के लेखक नोबेल की लालसा में रहते हैं या...