कभी-कभी गुनगुना लीजिए
आज और कुछ देर यूँ ही शोर मचाए रखिए। आसमाँ है तो उसे सर पर उठाये रखिए। उँगलियाँ गर नहीं...
आज और कुछ देर यूँ ही शोर मचाए रखिए। आसमाँ है तो उसे सर पर उठाये रखिए। उँगलियाँ गर नहीं...
राजी सेठ आज इस संसार से विदा हो गयीं... चुपचाप... बहुत मिलना चाहा...मिलना संभव नहीं हुआ... पहले वो जब भी...
( आलेख : स्वराज करुण ) छत्तीसगढ़ के सामाजिक ,सांस्कृतिक साहित्यिक और राजनीतिक इतिहास पर लोग आज जो कुछ भी...
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों...
आप भी हुज़ूर औघड़ हो और मामूली औघड़ नहीं, पूरे सिद्ध औघड़। हम लोग गोरखपुर गए थे फिर वहाँ से...
अब हमर बीच गहुँरात खाई रथे। रंज राखे इहाँ चार भाई रथे। आदमीपन लुकागे हवे देश मा। काँगरेसी रथे भाजपाई...
उनसे दो बार मिलना हुआ। एक बार 1980 में जयपुर के क्लार्क्स आमेर होटल में, जब वे — हेमा मालिनी...
वे मेरे मिडिल स्कूल के प्यारे प्यारे दिन थे. जब फिल्मों के धर्मेन्द्र से अंजान था. तब तक शम्मीकपूर और...
कायदे से तो आज का दिन राष्ट्रीय शोक दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। क्योंकि आज ही के दिन...
न महलों की बुलंदी से न लफ़्ज़ों के नगीने से। तमद्दुन में निखार आता है घीसू के पसीने से। कि...