July 23, 2026

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116 वें जयंती के अवसर पर : श्री कोदूराम दलित अऊ उंकर सियानी गोठ

छत्तीसगढ़ी के ठेठ देहाती कवि डाँ.बलदेव:- लइका पढ़ई के सुघ्घर करत हवँव मैं काम कोदूराम दलित हवय मोर गंवइहा नाम...

दादा श्री बालकवि बैरागी का यह लेख…

बहुत लम्बा/बड़ा है दादा श्री बालकवि बैरागी का यह लेख। किन्तु मुझे आकण्ठ विश्वास है कि आपने यदि पढ़ना शुरू...

तस्लीमा नसरीन के साथ एक दोपहर : एयरपोर्ट से इण्डिया इंटरनेशनल सेंटर तक

2008-09 के आसपास का समय मेरे जीवन की स्मृतियों में किसी हल्का हिलता सा लेकिन गहरे जलाशय की तरह ठहरा...

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर……

दुर्ग जिले की सुप्रसिद्ध महिला साहित्यकार - डॉ. विद्यावती 'मालविका' दुर्ग जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन के चतुर्थ अधिवेशन, पाटन के...

एक दोस्त, बहुत बड़ी शख्सियत का गुजर जाना, ढेर यादें छोडक़र

* सुनील कुमार विश्वरंजन का गुजर जाना बहुत से लोगों की जिंदगी से एक बड़ी अहमियत वाली हस्ती का गुजर...

इन्द्रे लिथुआनिया की एक प्रमुख समकालीन कवि…

इन्द्रे लिथुआनिया की एक प्रमुख समकालीन कवि हैं। उन्होंने सांस्कृतिक प्रवन्धन की पढ़ाई की है और कुछ समय तक सांस्कृतिक...

तुम देखो ऐसे कि सुर्ख़ लाल रंग हो जाऊँ…

तुम देखो ऐसे कि सुर्ख़ लाल रंग हो जाऊँ, चढ़े कोई भी रंग मगर तेरे रंग में खो जाऊँ। भांग...

आज 116 वीं जयंती पर सादर नमन…….

छत्तीसगढ़ी जन-कवि – कोदूराम”दलित” लेखक - डॉ. हनुमंत नायडू { नवभारत टाइम्स , बम्बई (अब मुम्बई) दिनांक 03 मार्च 1968...

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