June 7, 2026

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मनोज शाह ‘मानस’ की तीन ग़ज़लें

"कब तक इन बेड़ियों में..." सजती नहीं है दुल्हन अब डोलियों में । अब वो दम नहीं शिकारियों के गोलियों...

“दूसर पुण्यतिथि मा विनम्र श्रद्धांजलि”

सुरता - श्री रघुवीर अग्रवाल "पथिक" पथिक जी के जनम जन्म 4 अगस्त 1937 के ग्राम मोहबट्टा मा होइस। इनकर...

प्रथम चाक कविता सम्मान शिवप्रसाद जोशी को

मुजफ्फरनगर। 2021 का श्री सोहनवीर सिंह प्रजापति स्मृति ‘चाक कविता सम्मान’ कवि श्री शिवप्रसाद जोशी को दिये जाने की घोषणा...

बद्री प्रसाद वर्मा अनजान की गजलें

खुदगजॅ जमाने में खुदगजॅ जमाने में दीवाने हजारों हैं मरने के लिए देखो परवाने हजारों हैं। करते हैं खुद खुशी...

हिन्दी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत ग़ज़ल संग्रह फल खाए शजर से यह ग़ज़ल प्रस्तुत है-

बहर - बहरे रमल मुसम्मन महज़ूफ़ अर्कान - फ़ाइलातुन् फ़ाइलातुन् फ़ाइलातुन् फ़ाइलुन् वज़्न - 2122 2122 2122 212 🌹 ग़ज़ल🌹...