April 24, 2026

साहित्य

बालकृष्ण गुप्ता ‘गुरु’ की तीन लघुकथाएं

बदला तीस वर्ष पूर्व पंडित जी ने बताया था कि उसकी कुंडली के चौथे घर में मंगल बैठा है, इसलिए...

सर्कस, द्रोण और डोली :विवाह के बदलते स्वरूप

राजेन्द्र उपाध्यापय हाल ही में सूरत में एक शादी में जाने का मौका मिला। वहां बारात के ऊपर चलती सड़क...

डॉ. किरण मिश्रा की दो कविताएं

समागम के मूलतत्व जीवन का ब्रहांड बनता बिगड़ता है तेरे मेरे गुरुत्वाकर्षण से जैसे गुजरता है जीवन अनेक चक्रों से...