April 23, 2026

साहित्य

छत्तीसगढ़ी कविताओं में मजदूर –

छत्तीसगढ़ किसानों और मजदूरों का प्रदेश है। यहाँ के कवियों ने किसानों और मजदूरों की संवेदनाओं को महसूस किया है...

छत्तीसगढ़ी कविता में जनवादी तेवर

जनवाद अंग्रेजी के डेमोक्रेसी शब्द का हिंदी प्रतिरूप माना जाता है। वैसे लोकतंत्र के अतिरिक्त जनतंत्र, प्रजातंत्र, जम्हुरियत, लोकशाही जैसे...

1 मई मजदूर दिवस पर मेरी एक रचना

मजदूर मुट्ठी में बंद उष्णता, सपने, एहसास लिए,खुली आंखों से देखता है कोई …..क्षितिज के उस पार। बंद आंखों से...

आज के कवि : मुझे रोको मत

(1)कवि होता हैकितना लाचार,मायूस औरनिरीह प्राणी!उसेगढ़नी होती है कविताउन्हीं बेजान शब्दों सेजिनसे लोगचीखते- चिल्लातेगदहे को बाप बनातेऔरतलवे सहलाते हैं| (2)बंधुयह...

यादों का बोझ लिए

इंतजार में पत्थरायी आँखेंछुए जाने की प्रतीक्षा मेंदो व्याकुल अधखुले होंठउँगलियों के स्पर्श को आतुरहथेलियों की सैकड़ों रेखाएँविरह की पराकाष्ठा...