October 21, 2026

साहित्य

हिंदी साहित्य के सूर्य मुंशी प्रेमचंद

31 जुलाई को भारतीय साहित्य के इतिहास में एक विशेष स्थान प्राप्त है। आज ही के दिन ‘उपन्यास सम्राट’ और...

सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चिंतन से प्रसूत कृति – रात जागा पाखी उवाच

जीवन का सांध्यकाल प्रायः एकाकीपन का समय होता है। जहाॅं मन अतीत के सागर में डुबकियाॅं लगाते रहता है। अतीत...

मुंशी नवाब राय को याद करते हुए…

रमेश अनुपम अक्सर हमारे पढ़ने लिखने वाले और खुद को तीरंदाज समझने वाले भी मुंशी नवाब राय को याद करना...

जाने-माने गीतकार आनंद बख्‍़शी का जन्‍मदिन

आज जाने-माने गीतकार आनंद बख्‍़शी का जन्‍मदिन है। उनके बेटे राकेश आनंद बख्‍़शी Rakesh Kamla Anand Bakshi ने उनकी जीवनी...

संस्कृत कभी कंप्यूटर भाषा क्यों नहीं बन सकती……

यह दावा हर कुछ सालों में फिर से सामने आता है। कहा जाता है कि संस्कृत का व्याकरण इतना सटीक...

क्लासिकल अंदाज़ की कहन में जीवन के विभिन्न रूप

चंद क़तरे ओस के अम्बिकापुर (छ.ग.) के ग़ज़लकार देववंश दुबे का ग़ज़ल संग्रह है। देववंश दुबे अपनी ग़ज़लों से ग़ज़ल...

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