साॅंझ उतरती यादों की
तुम यादों के अतल गर्म में,मैं धरती पर रहती हूॅं। मौन तुम्हारा मुखरित करने,मैं शब्दों से गहती हूॅं। दुःख के...
तुम यादों के अतल गर्म में,मैं धरती पर रहती हूॅं। मौन तुम्हारा मुखरित करने,मैं शब्दों से गहती हूॅं। दुःख के...
कई मित्र स्त्रियां मेहरबान हैं दे रही हैं बधाई हम पुरुषों को बता रही हैं पुरुष दिवस है आज! वैसे...
एक तस्वीर बन के रहते हैं अब न जीते हैं और न मरते हैं पाक दामन रहे हमेशा हम हम...
दुनिया हसीन लगती है जिसके जमाल से, कैसे निगाह फेर लूँ उसके ख़याल से । आलम था गर्दिशों का सियाही...
ख़ुदेजा ख़ान जी को जन्मदिन की बधाई । प्रस्तुत है उनकी पांच कविताएँ । आप सक्रिय साथी हैं । संवेदना...
चित्रांकन :- डा. सुनीता वर्मा। झूले में दीदी-भइया आओ ना मम्मी-पापा आओ ना मैं बैठी हूं झूले में आकर जरा...
मांतगे हे धनहा म धान बड़ मगन हे किसान उत्ती ले सुरूज हा लावत हे बिहान बबा हा मुसुर मुसुर...
सखियों! घर के पर्दे, सोफा कवर तो बदलोगी ना अपने सोचने का तरीका भी बदल देना दीयों को जब तेल...
(बाल दिवस की बधाई! बच्चे ही बनाएंगे देश को और बेहतर...) इस अराजक दौर में विश्वास हैं बच्चे आस्थाओं के...
वो कहते हैं क्या लिखती हो हंसकर इतना कह देती हूँ । माँ की लोरी, पापा का लाड़ दादी-नानी भी...