रोमानिया के चर्चित कवि मारिन सोरेस्क्यू की एक अद्भुत कविता का अनुवाद
कलाकार ------------ कितने अद्भुत लचीले हैं ये कलाकार कितने खूबसूरत। अपनी कमीज की मुड़ी आस्तीनों के साथ हमारे लिए जीते...
कलाकार ------------ कितने अद्भुत लचीले हैं ये कलाकार कितने खूबसूरत। अपनी कमीज की मुड़ी आस्तीनों के साथ हमारे लिए जीते...
कभी हँस के तो कभी रो के गम छुपाते रहे लोगों से मिल के न डरपोक थे न ही कायर...
आज अपने गांव जाते समय आम्र-वृक्ष आम्र मंजरी से श्रृंगारित बहुत ही लुभावने लगे कुछ पँक्तियाँ भी मचल उठीं मन...
चलो आज फ़ुरसत से कुछ पन्ने पुराने पलट लिए जाएं ll इस से पहले कि बन जाऐं नासूर सब के...
है आंख नम तो क्या मुस्कुरायें। बताओं कब तक ये गम छुपायें? तुम्हें मुबारक तुम्हारी खुशियां, हमारी किस्मत है छ्टपटायें...
शिव मेरे!! माना तुम हो औघड़ दानी मैं भी गंग धार नही न धरो मुझे सिर माथे सिरमौर बना न...
रंगों और रिश्तों के मोहबंध हर रिश्ते के अलग अलग रंग! ताज़ा रंगी हवा में टंगी.. लहराती-फहराती सी ओढ़नियों के...
छन-छन करती घर आँगन में, शाम सुबह दिन रात! सुनो तो! पायलिया करती है क्या बात। बाबुल के घर कदम...
कहा था उसने कि पूरे वो ख़्वाब कर देगा, सफ़र में काँटे मिले तो गुलाब कर देगा । उसे पता...
उसकी आस इस तरह पलकों पे उतरती है जैसे तप्त दोपहरी के बाद अंबर से हौले-हौले साँझ उतरती है ...और...