March 7, 2026

कविता

वो नीली चिट्ठियां कहां खो गई

वो नीली चिट्ठियां कहां खो गई जिनमे लिखने के सलीके छुपे होते थे कुशलता की कामना से शुरू होते थें...

क्या तुम जानती हो मां…

तुम्हारी दुआएं,आशीर्वाद और ममता.. सदा मेरे साथ हैं... क्या तुम जानती हो मां.... तुम्हारी खुशियां,तुम्हारे गम और टीस सदा मेरे...

तेरी यादों से बातों से मुझे फुरसत नहीं मिलती

तेरी यादों से बातों से मुझे फुरसत नहीं मिलती। मेरे ख़्वाबों में उभरी जो वही मूरत नहीं मिलती। कई चेहरे...

संदीप अवस्थी की चार कविताएँ

कविता 1.एक बेहतर दुनिया के लिए ------------------------------------------- एक बेहतर दुनिया के लिए वह घरों से बाहर आई सड़कों पर उतरी...