दिन आए फिर
दिन आए फिर तरह- तरह से ठंड भगाने के आंख, नाक को छोड़ सभी अंग बंद कर जाने के मन...
दिन आए फिर तरह- तरह से ठंड भगाने के आंख, नाक को छोड़ सभी अंग बंद कर जाने के मन...
विधा - गीत सुनसान डगर जीवन के मेलें शूल-धूल बवंडर के नित्य रेलें उठते शुष्क मरू हृदय धरा पर बिखर...
प्रिय भारत! शोध की खातिर किस दुनिया में ? कहां गए ? साक्षात्कार रेणु से लेने ? बातचीत महावीर से...
हे ईश्वर ! मैं निज स्वार्थ को मिटा दूं । इस दुनिया में प्रेम का दीप जला दूं ।। लेकर...
मिमी' मूवी देखने के बाद मां और मां की ममता पर जो विचार आये,मैंने 'मिमी' की स्क्रिप्ट पर मां की...
चल रे वैरागी मन दीपावली मनाते हैं, चल रे वैरागी मन,दीप जला कर आते हैं । राम-लखन जब घर को...
आओ फिर से दिए जलाएं। मिलकर तम को दूर भगाएँ। आडम्बर, प्रपंच, पाखण्ड से हरदम दूर रहें हम । ईर्ष्या,...
सादगी के साथ जनसेवा, राज्य शाशन का मूल मंत्र हैं। परित्राणाय साधुनाम, ऐसा हमारा पुलिस तंत्र हैं। उच्चन्यायालय बिलासपुर में।...
नए लक्ष्य सदा जीवन के, जरूरी होता तय करना। लक्ष्य जब जब प्रासंगिक, समय ताल से पग धरना। संघर्षो के...
जनम मरण तो केवल नियति की रीत है । जिंदगी की सुख दुख तो गति की गीत है ।। धडकन...