October 22, 2026

कविता

लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की कविताएं

बाबू जी की शिक्षा... जब तक मेरे बाबू जी जीवित रहे मुझे अपने पिता पर सच में बहुत गुमान था...

जनकवि लक्ष्मण मस्तुरिया की जयंती पर विशेष

नवा राज बन के बेरा मे, भारी गदगदाए रहे महराज अब कइसे मुंह चोराए कस रेंगत हस-सुखरा के ताना मंथिर...

प्यारी-प्यारी चिड़ियां

सबको बहुत लुभाया करतीं सबका मन हरसाया करतीं सब पर प्रेम लुटाया करतीं प्यारी - प्यारी चिड़ियां कुटिया, बंगला, मंदिर,...

बात धर्म की आते ही कट्टर हो जाते हैं…

बात धर्म की आते ही कट्टर हो जाते हैं अच्छे-अच्छे इंसां भी पत्थर हो जाते हैं कैसी पूजा और इबादत...

You may have missed