April 23, 2026

कविता

अभिनेत्री दीप्ति नवल की कविताएं – संवेदना के नव धरातल

मैंने देखा है दूर कहीं पर्बतों के पेड़ों पर... मैंने देखा है दूर कहीं पर्बतों के पेड़ों पर शाम जब...

स्त्रियों का शुक्रिया कौन अदा करता है….?

कवितुमने कहा थापूछना नदी सेकि तुम कैसी हो…!! सुनो न कवि, पुल से गुजरते हुएएक दिनपूछ ही लिया मैंनेनदी तुम...

लेखिका शुक्ला चौधरी के प्रति श्रद्धांजलि के साथ उनकी एक कविता

पिता पिता नेआँखें बंद कर कहानहीं-नहींबेटी को किसीजानवर ने नोचा होगाबंदर,भालू या भेड़ियाये मनुष्य का काम नहीं तुम ठीक से...