जहाँ हर दसवाँ नागरिक लेखक है
आइसलैंडिक भाषा में एक कहावत है : “हर किसी के पेट में एक किताब होती है।” यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही...
आइसलैंडिक भाषा में एक कहावत है : “हर किसी के पेट में एक किताब होती है।” यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही...
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रविवार को आज आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस 2025 में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की...
(आज की लघुकथा) मसला थोड़ा टेढ़ा था। फूँक-फूँककर बढ़ना था। ख्याति नाम सम्मान भी उसमें जुड़ना था। धन, साधन, और...
निदा साहब आज ज़िंदगी की 87 वीं सीढ़ी पर खड़े होकर दुनिया को देख रहे होते ! उनकी यह ग़ज़ल...
हिन्दी नवगीत के प्रखर रचनाकार भाई भारतेन्दु मिश्र ने भी अपने लिए ज़िन्दगी का नेपथ्य चुन लिया। उन्हीं के एक...
एक बार दो मित्र चाँदनी रात में नदी के किनारे घूम रहे थे। एक मित्र को अचानक पानी के बहाव...
कहते हैं मुग़लों के शासन-काल में भारतीय कामगारों को शुक्रवार के दिन छुट्टी दी जाती थी । बदमाश अँगरेज़ों ने...
जयप्रकाश मानस कुछ रंग बचे, कुछ रूप कुछ डाल बचे, कुछ पात बची कुछ धूप, बचे कुछ कूप। कुछ शब्द...
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर बदल रहा है — अब यहां बंदूक और बारूद का...
---डॉ. मेनका त्रिपाठी विक्रम सिंह का “मऊ जंक्शन” उपन्यास आजकल खूब चर्चा में है, अंग्रेजी भाषा में नेहा विश्वकर्मा द्वारा...