आकांक्षा तिवारी “वर्षा” की कविताएँ
संघर्ष जन्म से मृत्यु पर्यन्तकरता है तू संघर्षतब तो तूने जीवनजीया भरपूर। मां की कोख मेंनन्हे अंकुर से लेकरदुनिया में...
संघर्ष जन्म से मृत्यु पर्यन्तकरता है तू संघर्षतब तो तूने जीवनजीया भरपूर। मां की कोख मेंनन्हे अंकुर से लेकरदुनिया में...
राजा जी ने दिए हैं आंसू ------------------------‐-----राजा जी ने दिए हैं आंसूहंसकर रोना है,हमने जो बिरवे बोएफल उसी का होना...
मां के बारे में क्या लिखूं…तेज धूप में घनी छांव सीसर्दी में ठिठुरते तन कोरुई की नरम रजाई सीजिसकी गोद...
तुम तो हसीं ख्वाब हो,जो देखा है मैंने जागी आँखों से तुम तो वो माहताब हो,जो बिखेरता है प्रेम-रूपी चाँदनी...
बाबा बाबा जंगल जा रही हूँलकड़ी लेनेदोपहर तक ना लौटूंमुझे तलाशने आना । बाबा ध्यान से चलनामेरी टूटी हुई चूड़ीतेरे...
पंचांग कुछ चीजें हकीकत में जितनी सुंदर होती हैउतनी तस्वीरों में नहीं लगतीजैसे आसमाँ पे उँकेरा गया सोलह कलाओं का...
बैसाख की गर्म रातों मेंआसमान के चँदोवा नीचेपंखा झलती, कहानी सुनातीनानी अक्सर सो जातीं छूट जाता कहानी का सिराबच्चे नानी...
घोटूल , चापड़ा चींटी , चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा , सल्फी , लांदा , चार , तेंदू , महुआ ,...
बूंद बूंद हूं मैं एक खारी,छलकी..हो चक्षु से भारी, बहकी बन सुख- दुख की मारी,बूंद हूं मैं एक खारी..। मन,...
सोनहा बिहान पा लगी करपालिस जहर तोलाबिन स्वारथ,धरती माताचांटी औ हाथी सबोला पालत हे,मानव परजादा मोहित होकेदुखि यारी हो,पुकारत हेदुख...