फलक़ पर मुस्कुराती …
फलक़ पर मुस्कुराती बिजलियाँ कुछ और कहती हैं ज़मी पर लड़खड़ाती कश्तियाँ कुछ और कहती हैं बया करते हैं दरवाज़े...
फलक़ पर मुस्कुराती बिजलियाँ कुछ और कहती हैं ज़मी पर लड़खड़ाती कश्तियाँ कुछ और कहती हैं बया करते हैं दरवाज़े...
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंत्रालय में स्वास्थय विभाग के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक लेकर विभाग...
प्रदेश में विष्णु देव साय सरकार 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपए अंतरित कर रही...
हिंदी साहित्य और संस्कृति की पत्रिका ‘बनास जन’ ने विख्यात आलोचक प्रो नवल किशोर की स्मृति में ‘आलोचना सम्मान’ की...
(समीना खान/ Sameena Khan) ‘सफर में इतिहास’ किताब हाथ में आई तो ख्यालात का एक न थमने वाला सफर साथ...
डॉ रामविलास शर्मा नाम हिंदी के श्रेष्ठ आलोचकों में लिया जाता है।उनके विपुल आलोचनात्मक लेखन में विषयों की विविधता है।मानविकी...
वे जहां कहीं चले जाते हैं वहीं छोड़ जाते हैं शरीर से उठती गंध वही अंतिम गंध जिसमें उनके पसीने...
मनुष्य गिर जाता है भाषा अकेली नहीं गिरती उसके साथ गिर जाती है मनुष्यता की समूची विरासत कहते हैं कवि...
बासठ वर्ष की उम्र में यह आखिरी बार था जब दादी पेड़ पर चढ़ तो गईं, लेकिन उतर नहीं पाईं...
मुक्तिबोध की कविताएं गहन रूपकात्मकता में आधुनिक मनुष्य के अंतर्द्वंद्व,उसकी पीड़ा, संघर्ष को प्रकट करती हैं।उनके यहां वैचारिक अंतर्द्वंद्व अत्यधिक...