July 25, 2026

Chhattisgarh Mitra

बिलहरी-बिरसा(बिरखा) का पुरातत्व

फणिनागवंशियो के पुरातात्विक अवशेष मुख्यतः मैकल पर्वत श्रेणी के समानांतर मिलते हैं। यदि भोरमदेव को केंद्र माना जाए तो उत्तर...

राजाबेंदा का पुरातत्व

भोरमदेव क्षेत्र में फणिनागवंशी कालीन अवशेष बिखरे पड़े हैं। ये अवशेष मुख्यतः मैकल पर्वत श्रेणी के समानांतर दक्षिण में सहसपुर,...

पं. सप्रे के प्रयासों से हुआ हिन्दी नवजागरण का उदय : श्री विजयदत्त श्रीधर

पं.माधवराव सप्रे की सार्ध शती (१५०वीं जयंती) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन नागपुर, 23 दिसम्बर : पं. माधवराव...

अगरिया :लौहकर्म के आदिम असुर जनजाति

वेरियर एल्विन भारतीय मानवशास्त्र में एक चर्चित नाम हैं। उनका अध्ययन क्षेत्र मुख्यतः मध्य भारत के जनजातीय क्षेत्र रहा है।...

सुनने से श्रेष्ठ है पढ़ना, और पढ़ने से भी श्रेष्ठतर है लिखना – रुचि वर्मा का उपन्यास विमोचित

ब्रह्मवीर सिंह एक लेखक के तौर पर मैं मानता हूं कि लेखन की सभी विधाओं में उपन्यास लेखन दुरूह कार्य...

विजय गुप्ता का काव्य संग्रह ‘वक़्त के वक्तव्य’ और शशिप्रभा का ‘यादों की गुदगुदी’ का विमोचन

दुर्ग जिला हिंदी साहित्य के आयोजन में 19 दिसंबर रविवार को होटल गार्नेट इन में विजय गुप्ता का तृतीय काव्य...