April 28, 2026

Chhattisgarh Mitra

“छत्तीसगढ़ी कविता में मद्य-निषेध”

शराब, मय, मयकदा, रिन्द, जाम, पैमाना, सुराही, साकी आदि विषय-वस्तु पर हजारों गजलें बनी, फिल्मों के गीत बने, कव्वालियाँ बनी।...

जबर्दस्ती लिखने की कवायद से गुजरना

लालित्य ललित दिनचर्या कोई आसान नहीं होती एक स्त्री के लिएजो सारा दिन काम करती है और सबके लंच के...

गोपालदेव का पुजारीपाली में प्राप्त शिलालेख संवत 919 [1167-68 ई.]

रतनपुर के कलचुरियों के उत्कर्ष के समय भी छत्तीसगढ़ क्षेत्र में उनके प्रतिस्पर्धी, सहयोगी अथवा अधीनस्थ शासक अथवा सामन्त हुए...

दृश्य बदल जाता है

मैं चारों तरफ फैलेपरमात्मा केनैसर्गिक सौंदर्य मेंबंधकर रह गई हूं देखती हूँमूसलाधार बारिश मेंझूम झूम कर नहाते पेड़दूर नदी की...