March 7, 2026

कविता

चाँद को चाँद कह पाने के भय से सहमा हुआ हूं

मैं आसमान में चाँद देख रहा हूं किन्तु चाँद को चाँद कह पाने के भय से सहमा हुआ हूं मुझे...

भावना को अपने शब्दों में पिरोते हैं

भावना को अपने शब्दों में पिरोते हैं, चलो न अपनी अलग राह बनाते हैं। कुछ चुनिंदा साथी मिलकर हम सृजन...

रोमानिया के चर्चित कवि मारिन सोरेस्क्यू की एक अद्भुत कविता का अनुवाद

कलाकार ------------ कितने अद्भुत लचीले हैं ये कलाकार कितने खूबसूरत। अपनी कमीज की मुड़ी आस्तीनों के साथ हमारे लिए जीते...