“प्रलय और मुर्दे”
डॉ अजय पाठक शहर कीजगमगाती रोशनी सेदामन छुड़ाती तंग बस्तियोंके मुहाने परअभी-अभी शब्दों की अर्थी निकली है राम नाम की...
डॉ अजय पाठक शहर कीजगमगाती रोशनी सेदामन छुड़ाती तंग बस्तियोंके मुहाने परअभी-अभी शब्दों की अर्थी निकली है राम नाम की...
आज प्रसिद्ध साहित्यकार शरद जोशी का जन्मदिन है। हिंदी व्यंग्य को प्रतिष्ठित करने में शरद जोशी का बड़ा नाम है।...
आज का दिन और अनुभवों का निचोड़ हम एक बहुत ही बुरे समय में जी रहे हैंलेकिन हम जी इसलिए...
आँसू गाँव हअपन लइका मन केरद्दाजोहत -जोहत रोवत हे,अँगाकर रोटीरांध केअब आही, तब आहीकहिकेओकर आँखी ह जोहत हे | मोर...
कुछ अरुण-दोहे : पतझर जैसा हो गया, जब ऋतुराज वसंत।अरुण! भला कैसे बने, अब कवि कोई पंत।। वृक्ष कटे छाया...
दहलीज़ एक दहलीज़ पार करदूसरी दहलीज़ की शोभाबढ़ाती हैं..ये लड़कियां थोड़ा सालाड़ पाते ही..खिलखिलाती हैं। मायके में शुभ कार्यों में..जब...
किताब के समान खुलेंगींयदि आपके घर की खिड़कियांतो अन्य दिनों सेकुछ भिन्न होगा बाहर का दृश्य खिड़की के समान खुलने...
मत करना तुम यह नादानी।।कभी न फ्रिज का पीना पानी।। बार-बार अब छींक सताये।नाक बहुत बहती ही जाये।। दुख देता...
पढ़ा जा रहा न लिखा जा रहा हैलिखा था कभी वो मिटा जा रहा है सुना जा रहा न कहा...
बेटे ने लाख चाहा था, पाई न दे सकापापा के हाथ पहली कमाई न दे सका परबत की थी उम्मीद,...