प्रेम
अध:पतन करना पड़े तो नदी की तरह करना लोग नजीर बना देंगे कहेंगे 'प्रेम में थी नदी...' किसी की तड़प...
अध:पतन करना पड़े तो नदी की तरह करना लोग नजीर बना देंगे कहेंगे 'प्रेम में थी नदी...' किसी की तड़प...
कंधे पर बंदूक उठती स्त्री,एक दूसरे के साथ कदम से कदम मिलती चलती है,अब वो खड़ी होती हैं सीमाओ पर...
- परिचय दास ( प्रिय पत्नी वंदना श्रीवास्तव के लिए , जिन्होंने विरल , साहसपूर्ण एवं अनथक प्रयत्न किए मेरे...
मृत्यु के पास आने के सौ दरवाज़े थे हमारे पास उससे बच सकने के लिए एक भी नहीं इस बार...
भोर की देह कुछ सांवली हो गई रात पर रात का रंग चढ़ता नहीं तुम गए, बुझ गए दीप आकाश...
ये कहने से ज़्यादा रहा कुछ नहीं है, नया दिन है लेकिन नया कुछ नहीं है. है घर में घुटन...
मेरा परिचय बस इतना सा। मेरा परिचय बस इतना सा मै तीर्थराज प्रयागराज की पुत्री हूं ! मां गंगा की...
मैंने देखा है दूर कहीं पर्बतों के पेड़ों पर... मैंने देखा है दूर कहीं पर्बतों के पेड़ों पर शाम जब...
मेरा परिचय बस इतना सा। मेरा परिचय बस इतना सा मै तीर्थराज प्रयागराज की पुत्री हूं ! मां गंगा की...