March 6, 2026

कविता

“छत्तीसगढ़ी कविता में मद्य-निषेध”

शराब, मय, मयकदा, रिन्द, जाम, पैमाना, सुराही, साकी आदि विषय-वस्तु पर हजारों गजलें बनी, फिल्मों के गीत बने, कव्वालियाँ बनी।...

दृश्य बदल जाता है

मैं चारों तरफ फैलेपरमात्मा केनैसर्गिक सौंदर्य मेंबंधकर रह गई हूं देखती हूँमूसलाधार बारिश मेंझूम झूम कर नहाते पेड़दूर नदी की...

बाल गीत ~ चंदा मामा

सूरज दादा जल्दी जाओचंदा मामा झटपट आओ।।… लगे चाँदनी राज दुलारे।चाँद सितारे प्यारे-प्यारे।।नील गगन तब दिखते न्यारे।।संग हमारे नाचो गाओ।चंदा...