अक्षय तृतीया विशेष : पुतरी पुतरा के बिहाव
पुतरी पुतरा के बिहाव होवत हे , आशीष दे बर आहू जी ।भेजत हाँवव नेवता सब ला , लाड़ू खा...
पुतरी पुतरा के बिहाव होवत हे , आशीष दे बर आहू जी ।भेजत हाँवव नेवता सब ला , लाड़ू खा...
बच्चे नाराज हैंकि उन्हें उपदेश बहुत दिया जा रहापालतू पशु नाराज हैंकि उन्हें स्वतंत्र नहीं किया जा रहातोता नाराज हैकि...
जीवन मेरातुझको समर्पणआस लगाईराह तकती आखेंकब आये साजन!!नयनों नीरक्यूं ना समझे पीरसांझ सवेरेतडपूं निसदिनस्वप्न हुये अधीर!!मुर्शीद मेराबसता रग रगसांसें उससेसाया...
नदी/पुष्पिता नदी के पासअपना दर्पण हैजिसमें नदी देखती है ख़ुद कोआकाश के साथ। नदी के पासअपनी भाषा हैप्रवाह में ही...
अलग कुर्सी से, हो गए पाए।जो थे सहारे,हो गए पराए ।। निशां तक नहीं,अहले वफा का।आदमी दिल लगाने,कहाँ जाए।। हुए...
मौला मुझको घर जाना है माई रस्ता देखे हैछत, पनियारा, ओसारा, अँगनाई रस्ता देखे है पिछली बार कहा था बेटा...
काँटों भरी डगर है आजशामत भरा सफ़र है आजमेघ घनेरे छाए हैंअँधियारों के साए हैंउम्मीदों के दीप जलापल में दिल...
शराब, मय, मयकदा, रिन्द, जाम, पैमाना, सुराही, साकी आदि विषय-वस्तु पर हजारों गजलें बनी, फिल्मों के गीत बने, कव्वालियाँ बनी।...
आओ आज हँसते हंसाते हैमाहौल को आसान बनाते हैबहुत हो चुका अब तकबाते कोरोना की ही करते हर कोई उदास...
लालित्य ललित उसका रास्ता मत रोकोउसे छन कर आने दोखिड़की-किवाड़ों को खोल दोउसे आने दोमन भी स्वच्छ होगा और तन...