सुबह के उजालों से …
सुबह के उजालों से आंखें चुराकर अंधेरी निशा से डरे तो नहीं हो?? चुनौती से लड़ने का उत्साह खोकर मरने...
सुबह के उजालों से आंखें चुराकर अंधेरी निशा से डरे तो नहीं हो?? चुनौती से लड़ने का उत्साह खोकर मरने...
औरतें तुम जाकर कहीं मर क्यों नहीं जाती हो बार बार तुम कभी चारे की तरह कभी दूब की तरह...
तेज़, बहुत तेज़, एक लय में बारिश के बूँदों की सीधी धार, इतनी सघन कि ठीक से दिखाई न दे...
बिलासपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य जनवादी लेखक संघ के दो दिवसीय राज्य सम्मेलन में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशीराम वर्मा को...
छोड़ दे सीधा-सादा रहना, हुश्यारी भी सीख ज़रा, दुनिया में जीना है तो दुनियादारी भी सीख ज़रा। आख़िर कब तक...
"यह क्या कह रहे हो राजा, तुम नौकरी छोड़ कर क्या करोगे बेटा पागल हो गये हो क्या ?" "हाँ...
नशा नाश की जड़ है, सुन लो प्यारे बात हमारी, ये चक्कर घनचक्कर है। नशा नाश की जड़ है ।...
लुईज़ा ग्लुक अमेरिकी कवि थीं। आज उनका देहान्त हो गया। कभी मैंने उनकी इस कविता का अनुवाद किया था। उन्हें...
अभी कुछ देर पहले कश्मीर पर मानव कौल द्वारा लिखा यात्रा वृत्तान्त 'रूह' पढ़ कर खत्म किया! मानव ने 90...
* कृति : पत्नी एक रिश्ता, * कृति_कार: श्री राधेश्याम माहेश्वरी, *पृष्ठ संख्या: 161, *मूल्य : 350 रुपए मात्र, *...